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रामजेठमलानी जी वकील तो वाकई बड़े थे l
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'देश का सबसे बड़ा वक़ील होकर भी जो न्यायिक इतिहास में जगह नहीं बना सका.'

बात 2009 की है. मोहम्मद अली जिन्ना पर लिखी गई एक किताब का विमोचन हो रहा था. यह किताब भाजपा नेता जसवंत सिंह ने लिखी थी. देश-विदेश की कई बड़ी हस्तियां इस समारोह में उपस्थित थीं. प्रसिद्ध वकील राम जेठमलानी भी इनमें से एक थे. उन्होंने इस समारोह में कहा, ‘भारत-पाकिस्तान विभाजन का मुख्य कारण मोहम्मद अली जिन्ना नहीं बल्कि हरिचन्द्र नाम का एक कंजूस हिन्दू था.’ जेठमलानी के इस बयान ने सभी को चौंका दिया. यहां मौजूद इतिहासकार भी नहीं जानते थे कि आखिर हरिचन्द्र नाम का ऐसा कौन व्यक्ति था जो विभाजन का कारण बना था. और जेठमलानी ऐसा किस आधार पर कह रहे थे?

लेकिन इस पर हम आगे में चर्चा करेंगे. पहले चर्चा करते हैं राम जेठमलानी के सबको चौंका देने वाले इस अंदाज़ की. उनका यह अंदाज़ ताउम्र उनसे जुड़ा रहा. राम जेठमलानी आपको ऐसे ही चौंका देते हैं जब अरविंद केजरीवाल की वकालत करते-करते वे अचानक एक दिन उनकी पैरवी करना छोड़ देते हैं और इसके कुछ दिनों बाद वकालात

#इज़राइल
दुनिया के नक्शे में एक डॉट के बराबर दिखने वाला एक देश है। तीन इज़राइल मिलकर #राजस्थान के बराबर भी नही होते फिर भी इज़राइल धार्मिक रूप से इतना #कट्टर देश है कि वहां रविवार को नाक साफ करने पर न केवल जुर्माना लग जाता है बल्कि जेल भी हो सकती है, बावजूद इसके आज उसके पास रूस, अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की चौथी सबसे बड़ी #वायुसेना है।

इज़राइल दुनिया के उन 9 देशों में शामिल है जिनके पास खुद का #सेटेलाइट सिस्टम है, जिसकी सहायता से वो ड्रोन चलाता है, अपनी सेटेलाइट टेक्नोलॉजी इज़राइल किसी देश के साथ साझा नही करता। इज़राइल दुनिया का एकमात्र देश है जो #एंटी_बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम से पूरी तरह लैस है। इज़राइल की ओर आने वाली हर मिसाइल न सिर्फ रास्ते मे मार गिराई जाती है बल्कि एक मिनट के भीतर मिसाइल दागने वाली जगह की पहचान कर इज़राइल जवाबी मिसाइल दाग कर सब कुछ तहस नहस कर देता है।

#नागरिकता को लेकर इज़राइल की स्पष्ट नीति है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाले यहूदी को इज़राइल अपना नागरिक मानता है। हाँ, यहूदी होने के लिए माँ और पिता दोनों का यहूदी होना अनिवार्य है। हैरानी की बात

 

*Why is PM Modi not putting Congress leaders*
behind bars in *corruption cases?*

One thing that haunts each and every Indian is that why the

*Modi government*

is not putting the corrupt Congress leaders –especially the

*Gandhi family–*

behind the bars even though it is reported that there are a lot of evidence to prove their wrong doings. Few even claim that the government agencies have not utilized the evidence to corner the Congress leaders.

*During the 2014 Lok Sabha elections, Mr Modi had claimed that after coming to power he will nab and jail each and every corrupt Congress leader*

As promised, PM Modi went behind the corrupt Congress leaders in full throttle and exposed each and every wrong doings of the Gandhi family. Even today, one or the other scams of the Congress party is being exposed.

It has reached a certain stage that the *Congress chief Rahul Gandhi and former Congress chief Sonia Gandhi are out on bail but they are still not jailed.*
They manage to escape through on

कश्मीर का सच !!

इस तस्वीर को बड़े ध्यान से देखें।
यह है एक कश्मीरी पंडित।
यह डल झील के किनारे वेदों का पठन कर रहा है।
यह तस्वीर 1903 की है। उन दिनों हिंदुओं की भरमार डल झील पर इस तरह पूजा पाठ करते देखी जाती थी।

फिर 1930-31 में शेख अब्दुल्ला दुआरा आंदोलन शुरू हुआ जो एक निहायत सम्प्रदायक प्रकृति का था।असल में यह था ही राष्ट्रविरोधी आंदोलन। इन लोगों ने बेहद शांतिप्रिय वेदों का पठन करते हिंदुओं पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। धीरे धीरे हिंदुओं ने डल झील पर पूजा पाठ बन्द कर दिया। आज तक भी यह दृश्य देखा नहीं जाता है।

तो भाईओ व बहनो यह है नेहरू और अब्दुल्ला परिवार का कुरूप चेहरा।
आज आप का वहाँ एक टूरिस्ट के तौर पर स्वागत योग्य हैं क्योंकि आप उनको पैसे देते हैं,उनको रोजगार देते है परंतु ज्यों ही आप वहां अपनी जड़ें खोजने जाते हो,अपने तीर्थ स्थलों के दर्शन का विचार करते हो तो आप को वहाँ जाने के लिए मिलिट्री की जरूरत पड़ती है। जिस खोखले धर्मनिरपेक्षवाद को हम गले लगा पीठ थपथपाते है। यह हमें खत्म करने का षड्यंत्र है।

सतिंदर छाबड़ा

*The big myth on Income Tax Payers in India;*

Data from a Chartered Accountants'Company Secretaries and other professional bodies and groups.......;
FM said during her budget speech that we are largely a tax *'non- compliant'* society and presented that only *3.7 crores* are filing ITRs in this poor country of 125 crore population .

*The reply by CAs ,CSs,CMA,s

Madam,
We have 82 crore voters out of which,

- *75% are agriculturists* ie. 61.5 crores ( You exempted them straightaway, but they can also buy cars , bungalows etc. as you quoted.. Your political colleagues are also enjoying this exemption)

*Balance remains... 20.5 crores*

*Less:24% BPL class* ( Below poverty line)

Means 15 crore population ( which is non agriculturist and non BPL) ..

*Less : Senior Citizens, Non working wives, unemployed youths, below-taxable income earners... political class.. (say 75%)* ... in a typical indian family only 1 earning member and 5/6 are dependent on him....

*Balance: (15-11.25)=3.75 crores is th

वसुधैव कुटुम्बकम

जब हिटलर ने पोलैंड पर आक्रमण करके द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत की थी तो उस समय पोलैंड के सैनिको ने अपने 500 महिलाओ और करीब 200 बच्चों को एक शीप में बैठाकर समुद्र में छोड़ दिया और कैप्टन से कहा की इन्हें किसी भी देश में ले जाओ,जहाँ इन्हें शरण मिल सके अगर जिन्दगी रही हम बचे रहे या ये बचे रहे तो दुबारा मिलेंगे।
पांच सौ शरणार्थी पोलिस महिलाओ और दो सौ बच्चो से भरा वो जहाज ईरान के सिराफ़ बंदरगाह पहुंचा, वहां किसी को शरण क्या उतरने की अनुमति तक नही मिली,फिर सेशेल्स में भी नही मिली, फिर अदन में भी अनुमति नही मिली। अंत में समुद्र में भटकता-भटकता वो जहाज गुजरात के जामनगर के तट पर आया।
जामनगर के तत्कालीन महाराजा "जाम साहब दिग्विजय सिंह" ने न सिर्फ पांच सौ महिलाओ बच्चो के लिए अपना एक राजमहल जिसे हवामहल कहते है वो रहने के लिए दिया बल्कि अपनी रियासत में बालाचढ़ी में सैनिक स्कूल में उन बच्चों की पढाई लिखाई की व्यस्था की।ये शरणार्थी जामनगर में कुल नौ साल रहे।
उन्ही शरणार्थी बच्चो में से एक बच्चा बाद में पोलैंड का प्रधानमंत्री भी बना आज भी हर साल उन शरणार्थीयो के वंशज जामनगर आते है और अपने

*एक बार जरूर पढ़ें*

बटुकेश्वर दत्त !
नाम याद है या भूल गए ??
हाँ, ये वही बटुकेश्वर दत्त हैं जिन्होंने भगतसिंह के साथ दिल्ली असेंबली में बम फेंका था और गिरफ़्तारी दी थी।
अपने भगत पर तो जुर्म संगीन थे लिहाज़ा उनको सजा-ए-मौत दी गयी । पर बटुकेश्वर दत्त को आजीवन कारावास के लिए काला पानी (अंडमान निकोबार) भेज दिया गया और मौत उनको करीब से छू कर गुज़र गयी। वहाँ जेल में भयंकर टी.बी. हो जाने से मौत फिर एक बार बटुकेश्वर पर हावी हुई लेकिन वहाँ भी वो मौत को गच्चा दे गए। कहते हैं जब भगतसिंह, राजगुरु सुखदेव को फाँसी होने की खबर जेल में बटुकेश्वर को मिली तो वो बहुत उदास हो गए।
इसलिए नहीं कि उनके दोस्तों को फाँसी की सज़ा हुई,,, बल्कि इसलिए कि उनको अफसोस था कि उन्हें ही क्यों ज़िंदा छोड़ दिया गया !
1938 में उनकी रिहाई हुई और वो फिर से गांधी जी के साथ आंदोलन में कूद पड़े लेकिन जल्द ही फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए और वो कई सालों तक जेल की यातनाएं झेलते रहे।
बहरहाल 1947 में देश आजाद हुआ और बटुकेश्वर को रिहाई मिली। लेकिन इस वीर सपूत को वो दर्जा कभी ना मिला जो हमारी सरकार और भारतवासियों से इसे मिलना चाहिए था।
आज़ाद भा

Gandhi was obsessed with sex – while preaching celibacy to others: Kusoom Vadgama

August 16, 2014, 12:04 AM IST TOI Q&A in The Interviews Blog | Edit PageIndiaQ&A | TOI

A controversy has erupted in Britain over the proposed second statue of Gandhiji in London, this one in Parliament Square. It was announced in July by Britain’s Chancellor of the Exchequer George Osborne and since-removed Foreign Secretary William Hague, ironically, a day after they inked a 250 million GBP arms agreement in New Delhi. Kusoom Vadgama, the doughty 82-year-old historian and former ‘Gandhi worshipper’, tells Bachi Karkaria why she is leading the fight brigade. She recently founded the Indo British Heritage Trust to commemorate the 400th anniversary of the appointment of Sir Thomas Roe as England’s first envoy to the court of Emperor Jehangir and the first documented arrival of Indian in Britain, also in 1614. Its highlight is a debate on August 18 in Britain’s Supreme Court on whether India benefited f

The 8 Monkeys

(This is reportedly based on an actual experiment conducted in the U.K.)

Put eight monkeys in a room. In the middle of the room is a ladder, leading to a bunch of bananas hanging from a hook on the ceiling.

Each time a monkey tries to climb the ladder, all the monkeys are sprayed with ice water, which makes them miserable. Soon enough, whenever a monkey attempts to climb the ladder, all of the other monkeys, not wanting to be sprayed, set upon him and beat him up. Soon, none of the eight monkeys ever attempts to climb the ladder.

One of the original monkeys is then removed, and a new monkey is put in the room. Seeing the bananas and the ladder, he wonders why none of the other monkeys are doing the obvious. But undaunted, he immediately begins to climb the ladder.

All the other monkeys fall upon him and beat him silly. He has no idea why.

However, he no longer attempts to climb the ladder.

A second original monkey is removed and replaced. The newcomer again attempts to cl

एक हफ़्ते पहले उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िला की एक मुस्लिम महिला "महनाज़" ने नरेंद्र मोदी से प्रभावित हो कर अपने बेटे का नाम "नरेंद्र मोदी" रख दिया था, जिसे अब उसे बदलना पड़ा.. उसके पति और बच्चे के दादा तक को इस नाम से कोई एतराज़ नहीं था मगर आसपास के मुस्लिम समाज और रिश्तेदारों ने ऐसा दबाव बनाया कि उस औरत को अपने बच्चे का नाम बदलना पड़ा.. महज़ एक हफ्ते के अंदर ही भयंकर दबाव में वो औरत हार गई

उस औरत को उसके रिश्तेदारों ने डराया कि "तुम्हारे बच्चे का अक़ीक़ा (मुंडन) और ख़तना नहीं हो पायेगा क्यूंकि उसका नाम अरबी में नहीं बल्कि हिंदी में है".. लोगों ने उस से ये तक कहा कि "अब तुमने इसका नाम हिंदुओं वाला रख दिया है तो इसे फिर मंदिर भी भेजने लगना और तुम भी अब मंदिर जाओ और पूजा करो".. इस सब से डर कर उस महिला ने अपने बच्चे का नाम बदल लिया

ये घटना आपको देखने मे छोटी लगे मगर ये है बड़ी गंभीर घटना.. ये बताती है कि आम मुसलमान को अपने देश के भाषा और संस्कृति की समझ कितनी है और उसके लिए इस्लाम का मतलब अरबी और अरब के सब कुछ होता है

बीते सात सालों से जब जब भी मैंने इस्लामिक कुरीतियों के ख़िलाफ़ कोई भी पोस्ट डाली है त


सूरत में हुए हादसे के बहाने जानिए सीरत अपनी
21 बच्चे हमेशा के लिए सो गए फिर भी हम नहीं जागेंगे, हैं ना...

"कुछ विषय ऐसे होते हैं जिनपर लिखना खुद की आत्मा पर कुफ्र तोड़ने जैसा है, सूरत की बिल्डिंग में आग...21 बच्चों की मौत...आग और घुटन से घबराए बच्चों को इससे भयावह वीडियो आज तक नहीं देखा....इससे ज्यादा छलनी मन और आत्मा आज तक नहीं हुई....फिर भी लिखूंगी...क्योंकि हम सब गलत हैं, सारे कुएं में भांग पड़ी हुई है। हमने किताबी ज्ञान में ठूंस दिया बच्चों को नहीं सिखा पाए लाइफ स्किल। नहीं सिखा पाए डर पर काबू रख शांत मन से काम करना।"

मम्मा डर लग रहा है...एग्जाम के लिए सब याद किया था लेकिन एग्जाम हॉल में जाकर भूल गया...कुछ याद ही नहीं आ रहा था। पांव नम थे...हाथों में पसीना था...आप दो मिनिट उसे दुलारते हैं...बहलाने की नाकाम कोशिश करते हैं फिर पढ़ लो- पढ़ लो- पढ़ लो की रट लगाते हैं। सुबह 8 घंटे स्कूल में पढ़कर आए बच्चे को फिर 4-5 घंटे की कोचिंग भेज देते हैं। जिंदगी की दौड़ का घोड़ा बनाने के लिए, असलियत में हम उन्हें चूहादौड़ का एक चूहा बना रहे हैं। नहीं सिखा पा रहे जीने का तरीका- खुश रहने का मंत्र..

आज अंतरराष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस है l
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आंकड़े कह रहे हैं कि हमने पिछले 40 सालों में प्रकृति के एक-तिहाई दोस्त खो दिए हैं। एशियाई बाघों की संख्या में 70 फीसदी गिरावट आई है। मीठे पानी पर रहने वाले पशु व पक्षी भी 70 फीसदी तक घटे हैं। भागलपुर की गंगा में डॉल्फिन रिजर्व बना है; फिर भी डॉल्फिन के अस्तित्व पर ही खतरे मंडराने की खबरें मंडरा रही हैं। क्यों? उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में कई प्रजातियों की संख्या 60 फीसदी तक घट गई है। यह आंकड़ों की दुनिया है। हकीक़त इससे भी बुरी हो सकती है। जैव विविधता के मामले में दुनिया की सबसे समृद्ध गंगा घाटी का हाल किसी से छिपा नहीं है। हकीक़त यही है कि प्रकृति की कोई रचना निष्प्रयोजन नहीं है। हर रचना के नष्ट होने का मतलब है कि कुदरत की गाड़ी से एक पेच या पार्ट हटा देना। यही हाल रहा, तो एक दिन यह जीव चक्र इतना बिगड़ जाएगा कि इंसान वहीं पहुंच जायेगा, जहां था। शायद उससे भी बदतर हालत में। पुनः मूषकः भव !!

दरअसल हमने अपने लालच इतने बढ़ा लिए हैं कि हर चीज कम पड़ गई है सिवाय गेहूं और कपड़ों के! इस बार मराठा सूखे में

#क्या_आप_जानते_हैं ?

RSS ने 52 वर्षों तक भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा क्यों नही फहराया ?

जी हां ये सच है कि 1950 से 2002 तक RSS ने तिरंगा नहीं फहराया, तो इस राष्ट्रीय ध्वज के न फहराने का सच क्या है ? आइये जानते हैं !

ऐसा क्या हुआ कि 1950 के बाद RSS ने तिरंगा फहराना बंद कर दिया ?

आज़ादी के बाद संघ की शक्ति लगातार बढ़ती जा रही थी और संघ ने राष्ट्रीय पर्व जैसे 15 अगस्त और 26 जनवरी जोर शोर से मनाने शुरू कर दिए थे, जनता ने भी इसमे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना शुरू कर दिया. इससे नेहरू को अपना सिंहासन डोलता नज़र आया और बड़ी ही चालाकी से उन्होंने भारत के संविधान में एक अध्याय जुड़वा दिया "National Flag Code".

नेशनल फ्लैग कोड को संविधान की अन्य धाराओं के साथ 1950 में लागू कर दिया गया और इसी के साथ तिरंगा फहराना अपराध की श्रेणी में आ गया. इस कानून के लागू होने के बाद राष्ट्रीय ध्वज केवल सरकारी भवनों पर कुछ विशेष लोगों द्वारा ही फहराया जा सकता था और यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता तो उसे सश्रम कारावास की सज़ा का प्रावधान था।

अर्थात कानून के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज अब संघ की शाखाओं में नही फहराया जा सकता था क्

हेमंत करकरे के विषय पर बहुत सारी बातें कहीं जा रही हैं चलिए मैं इस पर कुछ तथ्य भी रख देता हूं

भारतीय सेना के निर्दोष कर्नल पुरोहित को जो आर्मी इंटेलिजेंस के कार्य में लगे थे व् आतंकवादियों के समूह में इनफील्ट्रेट कर गए थे और जासूसी कर जानकारियां एकत्र कर रहे थे, कर्नल पुरोहित को फंसाने वाले और फर्जी RDX प्लांट करने वाले हेमंत करकरे थे, हेमंत करकरे ने ही कर्नल पुरोहित पर झूठा आरोप लगाया कि उन्होंने सेना का RDX चुराया और बम धमाके में इस्तेमाल किया,

परंतु क्योंकि हेमंत करकरे एक ऐसे आईपीएस अधिकारी थे जिन्हें पता ही नहीं था कि इंडियन आर्मी आरडीएक्स यूज़ ही नहीं करती, इसीलिए उनका झूठ बाद में पकड़ा गया और कर्नल पुरोहित निर्दोष साबित हुये।

यह भी खुलासा हुआ कि हेमंत करकरे सीधे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से निर्देश लेकर जांच आगे बढ़ा रहे थे, जो उनके पक्षपाती होने और कांग्रेसी इशारों पर कार्य करने वाले प्यादे के रूप में स्थापित करता है

हेमंत करकरे ने साध्वी ठाकुर और कर्नल पुरोहित को प्रतिदिन प्रताड़ित किया थर्ड डिग्री दी, कर्नल पुरोहित के मात्र एक पैर में ही हड्डियां 43 जगह से टूटी हुई थी, और सा

बॉलिवुड जिहाद

सलीम जावेद लिखित फिल्म में शोले फिल्म में वृद्ध मुसलमान (ए के हंगल) को बेटे की मौत पर नमाज के लिए जाते दिखाते हैं तो नायक वीरू (धर्मेन्द्र) को शिव मन्दिर में लडकी छेड़ते हुए दिखाना. अभी मैन्फोर्स कडोम के विज्ञापन में मंदिर दिखाना और वृद्ध महिला का अश्लील वार्तालाप सभी हिन्दू धर्मगुरुओं के मुंह पर तमाचा है

बालीवुड‬ और टीवी सीरियल के नजरिए से ‪हिन्दू‬ को कैसे देखा जाता है एक झलक:----
*ब्राह्मण* - ढोंगी पंडित, लुटेरा,
‪राजपूत* - अक्खड़, मुच्छड़, क्रूर, बलात्कारी
*वैश्य या साहूकार* - लोभी, कंजूस,
*गरीब हिन्दू दलित* - कुछ पैसो या शराब की लालच में बेटी को बेच देने वाला चाचा या झूठी गवाही देने वाला
जाट* खाप पंचायत का अड़ियल बेटी और बेटे के प्यार का विरोध करने वाला और महिलाओ पर अत्याचार करने वाला

*जबकि दूसरी तरफ*
*मुस्लिम* - अल्लाह का नेक बन्दा, नमाजी, साहसी, वचनबद्ध, हीरो-हीरोइन की मदद करने वाला टिपिकल रहीम चाचा या पठान।
*ईसाई* - जीसस जैसा प्रेम, अपनत्व, हर बात पर क्रॉस बना कर प्रार्थना करते रहना।
ये बॉलीवुड इंडस्ट्री, सिर्फ हमारे धर्म, समाज और संस्कृति पर घात करने का सुनियोजित षड

 

आखिर क्या है जेट एयरवेज के पतन की कहानी...!!!

जेट एयरवेज के जेट कनेक्ट की फ्लाइट संख्या वीटी एसजेआई ने बुधवार रात 10.30 बजे अमृतसर के हवाई अड्डे से मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए अंतिम उड़ान भरी। इस उड़ान के बाद जेट फिलहाल किसी तरह की उड़ान को संचालित नहीं करेगा।

भारतीय स्टेट बैंक (सीबीआई) के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह द्वारा 400 करोड़ रुपये की त्वरित ऋण सहायता उपलब्ध कराने से इंकार किये जाने के बाद जेट एयरलाइन ने यह घोषणा की है। जेट एयरवेज इस समय लगभग 8000 करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले दबी है।

अटल जी के ज़माने में जो इंडियन एयरलाइन और एयर इंडिया प्रॉफिट की स्थिति में थी वो UPA के शासनकाल में 40,000 करोड़ के लॉस में क्यों चली गयी थी..?? कभी विमान सेवा देने वाली अग्रणी कंपनियों में शुमार जेट एयरवेज के पतन की कहानी यंही से शुरू होती है।

कभी इंडियन एयरलाइन की फ्लाइट शाम 6 बजे लखनऊ दिल्ली मुंबई जाती थी। शायद ही कभी ऐसा हुआ होगा कि विमान की एक भी सीट खाली रह जाये। कमोबेश यही स्थिति एयर इंडिया की भी थी। फिर अचानक एक दिन ऊपर से फरमान आया और इंडियन एयरलाइन की फ्लाइट द

 

अजब-गजब है सोशल प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया

*सन् 1999 कारगिल युद्ध ....*

तोलोलिंग पहाड़ी पर जंग जारी थी, तोलोलिंग की वो पथरीली पहाड़ी पूरे युद्ध के दौरान हुई कैजुल्टियों में से लगभग आधी कैजुल्टियों के लिए जिम्मेदार थी.
कारगिल की सबसे पेचीदा, मुश्किल , और खूनी जंग यहीं लड़ी गई थी.
Artillery support के बगैर ही.

18 ग्रिनेडियर और 16 ग्रिनेडियर बटालियनो ने बेहिसाब नुकसान झेला था.
महीने भर के संघर्ष और खून बहाने के बाद भी तोलोलिंग भारत की पहुँच से दूर थी. जनरल वेद प्रकाश मलिक के लिए ये एक चुनौती थी, क्योकि भारतीय आक्रमण की धार यहाँ आकर कुंद पड जाती थी. ग्रिनेडियर्स के लगातार धावे केवल उनकी कैजुल्टियों का फिगर बढ़ा रहे थे, मजबूरन एक नई और ताजा दम बटालियन को ये टास्क सौंपा गया था.

कुपवाड़ा से एक नई बटालियन 2nd राजपूताना राईफल्स को 24 घंटे के अंदर गुमरी में रिपोर्ट करने को कहा गया, केवल एक दिन के Acclimatization (मौसम और टैरेन के अनुसार ढलने की एक मिलिट्री टर्म ) के बाद ही बटालियन को लाँच करने प्लानिंग उनके कमांडिंग आॅफिसर Colonel- M.B.Ravindranath ने की थी. कर्नल रविंद्रनाथ ने बटालियन के चुनिंद

 

एक वह जमाना था जब NDTV, CNN-IBN अपने प्राइम पर था और बुद्धिजीवियों का पसंदीदा प्लेटफॉर्म हुआ करता था जहां सदैव राइट विंग और राष्ट्रवादीयों की बैशिंग हुआ करती थी।
चर्चाओं का आयोजन किया जाता था जहां एक भाजपा या किसी हिंदूवादी संगठन का प्रतिनिधि बुलाया जाता था और एक कांग्रेस का, एक वामपंथी, एक वामपंथ की ओर झुकाव रखने वाला राजनीतिक विश्लेषक और एक कोई भाजपा विरोधी क्षेत्रीय पार्टी का प्रतिनिधि बैठा होता था।

एंकर राष्ट्रवादी संगठन अथवा भाजपा के प्रति पूर्णता होस्टाइल हुआ करता था, और सदैव उसे ही कटघरे में खड़ा करके सवाल दागा करता था, वो बेचारा जब तक उत्तर दे पाता, इतने में कभी वामपंथी उसे टोकता, फिर वह वामपंथी को उत्तर देता, तो कांग्रेसी उसे टोकता, फिर कांग्रेसी को उत्तर देता तो फिर एंकर बीच में कूद पड़ता, फिर वह एंकर को प्रत्युत्तर देता तो वह वामपंथ की ओर झुकाव वाला राजनीतिक विश्लेषक उसपर कूद पड़ता और अन्य आरोप लगा देता।

पूरी डिबेट कुछ इसी प्रकार समाप्त हो जाती, तथ्यों और साक्ष्यों को दरकिनार कर कुतर्कों द्वारा राष्ट्रवादी प्रतिनिधि/ भाजपा सदस्य को पूरी डिबेट में केवल जलील करने का प्रयत्न किया

This is Dawoodi ISI controlled Bollywood! Which Indian blindly worship and throw money at.

In 1969 Gujarat 512 people died in Hindu Muslim riots.
Bollywood was singing "Mere Sapno Ki Rani".

In 1980 Moradabad 400 people died in Hindu-Muslim and Muslim-Police violence.
Bollywood was singing "Aap Jaisa Koi".

In 1983 Nellie 2191 people died in anti Bangladeshi violence.
Bollywood was singing "Lambi Judai".

In 1984 Dilli 2800 people were killed in anti Sikh violence by Congress supporters.
Bollywood was singing "Bolo Pyar Karogi".

In 1987 Meerut riots 346 people were killed including Hashimpura massacre.
Bollywood was gyrating to "Kate nahin kat te ye din ye raat".

In 1989 Bhagalpur 1000 people were killed in Hindu Muslim riots.
Bollywood was dancing to "Tirchi Topiwale o oo ooo".

In 1991 thousands of Kashmiri Hindus were raped, massacres and permanently driven out of their ancestral homeland. Bollywood was selling fantasies of “Oo mere sapnon ke saudagar”

In 1993 serial bomb blasts hit Mum

 

नैरेटिव का संसार बहुत ही अद्भुत होता है, वह आपको अपनी तरफ खींचता है. जैसा यह नैरेटिव कि बाबर की रगों में एशिया के महान वंशों का रक्त बहता था. पिता तैमूरलंग के पुत्र मीरानशाह के वंशधर थे और माता चंगेज़ खान के पुत्र चग्त्ताई वंश की थीं. और यही कारण हैं कि मुगलों ने खुद को आरम्भ में चग्त्ताई कहलाना पसंद किया. लाखों बेगुनाहों का खून बहाने वाला तैमूर महान कैसे हो सकता है।
बाबर की पुत्री गुलबदन बेगम ने अपने सौतेले भाई हुमायूं की जीवनी लिखी है. यह बहुत ही रोचक है और अपने आप में कई स्थानों पर विरोधाभास से भरी भी. अब नैरेटिव है कि बाबर बहुत दयालु और वीर था. वह वीर था मगर दयालु! यह ज़रा सोचना होगा. बाबर के समरकंद से वर्ष 1501 में बाहर निकलने के बाद की घटना का वर्णन करते हुए गुलबदन बेगम ने लिखा है,
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“कन्दज़ और बदख्शां प्रांत में खुसरू शाह की सेना और मनुष्य थे. उसने आकर मेरे सम्राट पिता की अधीनता स्वीकार की. यद्यपि इसने कई बुरे कर्म किए थे, जैसे बायसंगर मिर्जा को मार डाला था और सुलतान

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