परछाई के कद से

परछांई के क़द से अपने क़द का अंदाज़ा मतकरसूरज डूब रहा हो तो उस ओर कभी देखा मतकरमेरे क़द से मेरी चादर मेल नहीं खाती या रबक़द ही थोड़ा और बढ़ा दे चादर को छोटा मतकरतनहाई का दर्द कभी भी बाॅट नहीं लेगा कोईकभीआइने के आगे जाकर ख़ुदको तनहा मतकरख़ुश है तो…

Read more…

वो मुन्तज़र भी है

वो मुन्तज़र भी है आश्ना क्या वही ख़यालों में बस गया क्यायही सफ़र की है इन्तिहा क्या नहीं है आगे का रास्ता क्या तुम्हारे अहसान से दबगया क्या किसी को वह बेजुबाॅ लगा क्यान देखा जिसने यूॅ देखकर भी हुआ है वो इन्तिहा ख़फ़ा क्याजो मेरी सूरत से…

Read more…

याद करते भी नहीं और

याद करते भी नहीं और न भुलाया जाए रूठ जाएं तो उन्हें कैसे मनाया जाएएक मुद्दत से निगाहों में बसी है सूरत फिर कहाँ कोई नया ख्र्वाब बसाया जाएआइना है कि तलब करता है पहली सूरत वक़्त ठहरे तो वही अक्स दिखाया जाएलाश किसकी है मेरी बस्ती में मालूम नहीं दफ़्न…

Read more…

आईने का मान

आईने का मान रखूँ
चेहरे पर मुस्कान रखूँ

राहगुज़र आसान रखूँ
मंज़िल पर ही ध्यान रखूँ

जग की भूल -भुलैयाँ में
अपनी कुछ पहचान रखूँ

क़र्ज़ अदा करना लाज़िम
क्यों उसका अहसान रखूँ

ख़ुद से यारी की शर्तें…

Read more…

आदमी से आदमी

आदमी से आदमी हैरान है
दोस्तो,ये मुल्क़ हिन्दुस्तान है

ढूँढ़िये उसको कहीं भी ढूँढ़िये
आदमी जो एक बा- ईमान है

आबरू,ग़ैरत,उमींदें और अना
बस हमारे पास ये सामान है

सच कहा,सौगन्ध खाकर सच कहा
न्याय की उम्मीद…

Read more…

ज़िन्दगी में दर्द से नज़रें चुराने के लिए
इक बहाना चाहिए था मुस्कराने के लिए

आप को तुम और तुम को तू कहा,अच्छा लगा
ये शगल भी लाज़िमी था पास आने के लिए

हाँ, वो पहले सी मुहब्बत अब नहीं बाक़ी रही
गुफ़्तगू होती रहे रिश्ता…

Read more…

परछाई के कद से

परछांई के क़द से अपने क़द का अंदाज़ा मतकर
सूरज डूब रहा हो तो उस ओर कभी देखा मतकर

मेरे क़द से मेरी चादर मेल नहीं खाती या रब
क़द ही थोड़ा और बढ़ा दे चादर को छोटा मतकर

तनहाई का दर्द कभी भी बाॅट नहीं लेगा कोई
कभीआइने के आगे…

Read more…

Groups

About

Gender

Male


Location

Meerut, Uttar Pradesh


Birthday:

December 30


प्रयागराज - लखनऊ - कानपुर - नोएडा - नई दिल्ली - चंदौसी - मेरठ - साँईखेड़ा - इंदौर - भोपाल - जयपुर - आगरा

Designed and managed by Shesh Dhar Tiwari for Sukhanvar International