*For Saturday and Sunday*
*फ़िलबदीह के लिए मिसरा*

*मैं तेरा कोई नहीं हूँ, तू मेरा कोई नहीं*

*2122 2122 2122 212*
*फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन*


*क़ाफ़िया... "आ" की क़ैद के*
*रदीफ़... कोई नहीं*


*कुछ क़वाफ़ी - क्या, तेरा, उठा, गिरा, जला आदि*

*■ मतले में अलिफ़ और हे की क़ैद तोड़ कर ही आगे दोनों के क़वाफ़ी इस्तेमाल करें*

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Replies

  • ज़िन्दगी पर बे वजह ही ज़ुल्म के इल्ज़ाम हैं
    ज़िन्दगी जी आप जैसा मेहरबां है ही नहीं

    ये मुक़द्दर हौंसला और है परों की आरज़ू
    सब अलम ज़द हैं ज़मीं के आसमां है ही नहीं

    नस्ले नौ को क्या दिया है हमने अपने शौक़ में
    तेज़ है बादे सबा और बादबां है ही नहीं

    दावे जानां दावे यारा दावे मसकन यार सुन
    राग हैं अपने सभी के हम ज़बां है ही नहीं

    सब की मरज़ी पे जियो सब को ये तुम से आस है
    सबके अपने हैं जहां अपना जहां है ही नहीं

    शाह तुम अच्छे नहीं हो अपनी पहचान आप हो
    अक़्स उल्टा आईने का हम निशां है ही नहीं


    शहाब उद्दीन शाह क़न्नौजी

     

    • बहुत खूब

      • आभार, धन्यवाद

  • जब हमारे दरमियां है राबिता कोई नहीं

    मस'अला कोई नहीं है मुद्दआ कोई नहीं

    • वाआआह क्या कहने

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