देश हित (1)

ग़ज़ल

वक़्त रहते, वक़्त के साँचे में ढलना चाहिये
बेहतरी के वास्ते ख़ुद को बदलना चाहिए
भूख, बीमारी, ग़रीबी, तंग हाली, रोज़गार
इन सवालों का कोई तो हल निकलना चाहिए
कोई मज़हब हो कोई भी धर्म हो या जाति हो
हर किसी पर एक सा क़ानून चलना चाहिए
वंचितों को मुफ़्त शिक्षा देने का सं

Read more…

प्रयागराज - लखनऊ - कानपुर - नोएडा - नई दिल्ली - चंदौसी - मेरठ - साँईखेड़ा - इंदौर - भोपाल - जयपुर - आगरा

Designed and managed by Shesh Dhar Tiwari for Sukhanvar International