इस क़दर मज़बूर हो जाएँगे ये सोचा न था
हम तुम्हीं से दूर हो जाएँगे ये सोचा न था

लोग मिलते हैं बिछड़ते हैं तो मिलने के लिए
आप यूँ काफ़ूर हो जाएँगे ये सोचा न था

हाँ तुम्हें हम प्यार करते हैं ये सच तो है मगर
इस तरह मशहूर हो जाएँगे ये सोचा न था

प्यार में नश्शा बहुत होता है सुनते थे मगर
हम नशे में चूर हो जाएँगे ये सोचा न था

देखकर तुमको हँसेंगी सुर्ख़ आँखे बासबब
और हम पुरनूर हो जाएँगे ये सोचा न था

दिन तो घूरे का भी फिरता है बसाअत एक दिन
आप यूँ मग़रूर हो जाएँगे ये सोचा न था

हम ख़ुशी से सह गए जिनको तुम्हारे वास्ते
ज़ख़्म वो नासूर हो जाएँगे ये सोचा न था

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Comments

  • Wahhhhh...! Wahhhhh..! Just wah...!
    • शुक्रिया निशा जी
  • वाहहहह बेहतरीन ग़ज़ल हुई
    • शुक्रिया अनीस भाई
  • कमाल की ग़जल वाह वाह
    • शुक्रिया मीना जी
  • वाह्ह्ह्ह उम्दा अशआर सर !
    • शुक्रिया अमित भाई
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